समृद्धि यात्रा के तहत सोमवार को सीतामढ़ी जिले के हित नारायण उच्च विद्यालय, चंदौली में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के 20 साल के विकास सफर को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 24 नवंबर 2005 को एनडीए सरकार बनने के बाद राज्य में कानून का राज कायम हुआ और विकास की रफ्तार तेज़ हुई।
2005 से पहले का ‘अंधेरा’: अब शांति-भाईचारा
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2005 से पहले बिहार का बुरा हाल था। शाम ढलते ही लोग घर से बाहर नहीं निकलते थे, हिंदू-मुस्लिम झगड़े आम थे, शिक्षा बदहाल, सड़कें टूटी-फूटी और बिजली दुर्लभ। अब डर का माहौल खत्म हो गया है—पूरे राज्य में प्रेम, भाईचारा और शांति है।
- 2006 से कब्रिस्तानों की घेराबंदी शुरू, झगड़े खत्म
- 2016 से 60 साल पुराने हिंदू मंदिरों की घेराबंदी, चोरी रुकी
शिक्षा क्रांति: 5.24 लाख सरकारी शिक्षक तैयार
शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नई स्कूल खोले गए, नियोजित शिक्षक भर्ती हुए। सरकारी स्कूलों में लड़के-लड़कियों को पोशाक और साइकिल योजना शुरू की गई।
मुख्य उपलब्धियाँ:
| उपलब्धि | विवरण |
|---|---|
| नियोजित शिक्षक | 2006 से 3.68 लाख भर्ती, 28,976 BPSC से सरकारी बने |
| BPSC भर्ती | 2023 से 2.58 लाख सरकारी शिक्षक |
| नियोजित को सरकारी बनाने की प्रक्रिया | 4 परीक्षाओं में 2.66 लाख पास, 73,000 शेष (1 मौका बाकी) |
| कुल सरकारी शिक्षक | अब 5.24 लाख |
स्वास्थ्य में ऐतिहासिक बदलाव
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) पर महीने में सिर्फ 39 मरीज़ आते थे (1-2 प्रतिदिन)। अब मुफ्त दवा-इलाज से औसत 11,600 मरीज़ मासिक आते हैं—300 गुना उछाल!
- मेडिकल कॉलेज: पहले 6, अब 12; बाकी 27 जिलों में निर्माणाधीन
- विस्तार: PMCH को 5,400 बेड, अन्य 5 को 2,500 बेड, IGIMS को 3,000 बेड
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सभी कार्य शीघ्र पूरे होंगे, ताकि बिहार का हर कोना समृद्ध बने।

