समृद्धि यात्रा के जन संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के बुनियादी ढांचे, कृषि और सात निश्चय योजनाओं की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि राज्य बड़े पैमाने पर सड़कों, पुल-पुलियों का निर्माण कर चुका है।
कनेक्टिविटी में क्रांति 6 घंटे से 5 घंटे का सफर
मुख्यमंत्री ने बताया कि सुदूर क्षेत्रों से पटना 6 घंटे में पहुँचने का 2016 लक्ष्य पूरा हो गया। अब रेल ओवरब्रिज, बाईपास और एलिवेटेड रोड से यह समय घटकर लगभग 5 घंटे रह गया है।
कृषि रोड मैप: आत्मनिर्भर बिहार
2008 से चार कृषि रोड मैप चले:
| रोड मैप | अवधि | मुख्य उपलब्धि |
|---|---|---|
| पहला | 2008-2012 | अनाज, फल-सब्जी उत्पादन बढ़ा |
| दूसरा | 2012-2017 | दूध, अंडा, मांस-मछली में उछाल |
| तीसरा | 2017-2023 | मछली उत्पादन 2.5 गुना, किसान आय दोगुनी |
| चौथा | 2024-2029 | तेज़ी से कार्यान्वयन |
इससे बिहार मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर हो गया।
सात निश्चय-1: लक्ष्य हासिल
2015 के सात निश्चय पूरे:
- आर्थिक हल-युवाओं को बल
- आरक्षित रोज़गार-महिलाओं का अधिकार
- हर घर बिजली (2018 में पूरा, अब मुफ्त/सस्ती; सोलर योजना शुरू)
- हर घर नल का जल, शौचालय
- टोले पक्की सड़कों से जुड़े
- अवसर बढ़े-आगे पढ़ें
सात निश्चय-2: 50 लाख युवा लाभान्वित
2020 से सात निश्चय-2 पर जोर:
- युवा शक्ति-बिहार की प्रगति (10 लाख नौकरी+10 लाख रोज़गार लक्ष्य; अब तक 10 लाख नौकरी+40 लाख रोज़गार=50 लाख)
- सशक्त महिला, हर खेत सिंचाई
- स्वच्छ गाँव/शहर (सोलर लाइट), सुलभ संपर्क
- स्वास्थ्य सुविधा (टेलीमेडिसिन, बाल हृदय योजना)
बचे कार्य शीघ्र पूरे होंगे। अगले 5 साल में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी-रोज़गार का लक्ष्य।
सभी वर्गों का समावेशी विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हिंदू-मुस्लिम, अपर कास्ट, पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित-महादलित—सभी के लिए काम किया। मुस्लिम समुदाय के मदरसों को सरकारी मान्यता और शिक्षकों को समान वेतन दिया गया।

