सीतामढ़ी जिले के लिए विकास की बड़ी सौगात! मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोरलेन सड़क परियोजना का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। वन विभाग से एनओसी मिलने के बाद जल्द टेंडर जारी होगा और अधिकारियों के अनुसार 910 दिनों यानी ढाई साल में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है।
यह 82.55 किलोमीटर लंबी सड़क एनएच-22 को दो लेन से चार लेन में बदलेगी, जिसकी लागत करीब 2831 करोड़ रुपये है। जमीन अधिग्रहण व मुआवजा प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। परियोजना से मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी से नेपाल तक यात्रा सुगम होगी, व्यापार-उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और यात्रा समय व दुर्घटनाएं कम होंगी। NHAI ने HAM मॉडल में इसे मंजूरी दी है।
क्षेत्रीय विकास को गति: स्थानीय लोग उत्साहित हैं, क्योंकि फोरलेन से आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। सितंबर से निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। प्रशासन ने गुणवत्ता पर जोर दिया है।
प्रारंभिक सर्वे के अनुसार, मुजफ्फरपुर-सोनबरसा पथ के टूलेन से फोरलेन बनाने में कुछ जगहों पर तीखा मोड़ आ रहा है। संभावना है कि इन जगहों सहित झपहां से सोनबरसा तक भूमि अधिग्रहण करना पड़ सकता है। मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी, नेपाल जाने वाले लोगों का सफर आसान होगा। मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी आैर यहां से नेपाल जाने वाले राहगीरों को करीब दो घंटे तक की समय की बचत होगी।
एसएसबी को भी नेपाल बॉर्डर पर पहुंचने में कम समय लगेगा
एनएचएआई ने बताया है कि झपहां आेवरब्रिज के नीचे से इस टूलेन सड़क को फोरलेन बनाने का काम शुरू होगा। वर्तमान में टूलेन होने से मुजफ्फरपुर-सोनबरसा मार्ग पर जाम की समस्या भी रहती है। फोरलेन बनने से सड़क पर जाम की समस्या समाप्त होगी। इसके अलावा फोरलेन पर वाहन भी सरपट दौड़ेंगे। इससे कम समय में अधिक दूरी तय होगी। एसएसबी को भी नेपाल बॉर्डर पर पहुंचने में कम समय लगेगा। वाहन दुर्घटना की संभावना भी कम हो जाएगी।

