पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल की ओर से अधिसूचना जारी होने के बाद अब सीतामढ़ी स्टेशन का आधिकारिक नाम सीतामढ़ी जंक्शन हो गया है। रेलवे के इस निर्णय के बाद स्टेशन परिसर में नाम परिवर्तन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई। जहां-जहां सीतामढ़ी स्टेशन लिखा हुआ था, वहां अब सीतामढ़ी जंक्शन लिखा जा रहा है। रेलवे के कमर्शियल विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में स्टेशन परिसर में नए नाम के बोर्ड और पर्चे लगाए गए।
स्टेशन के साइनबोर्ड पर सीतामढ़ी जंक्शन लिखे जाने का कार्य शुरु कर दिया गया है। इस दौरान यात्रियों और स्थानीय लोगों में भी उत्साह देखा गया। रेलवे द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, समस्तीपुर मंडल के छह स्टेशनों को जंक्शन का दर्जा दिया गया है। इनमें सीतामढ़ी, हसनपुर रोड, सरायगढ़, सुपौल, ककरघट्टी और शीशो स्टेशन शामिल हैं। जंक्शन का दर्जा मिलने से इन स्टेशनों की पहचान रेलवे नेटवर्क में और अधिक स्पष्ट होगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जंक्शन बनने से यात्रियों को विभिन्न दिशाओं में जाने वाली ट्रेनों की जानकारी बेहतर तरीके से मिल सकेगी। दिशाओं से आने-जाने वाली रेल जंक्शन स्टेशन पर अलग-अलग लाइनों का मिलान होता है, जिससे रेल परिचालन और नेटवर्क की संरचना अधिक व्यवस्थित हो जाती है।
रेलवे स्टेशन (Railway Station)
यह एक सामान्य शब्द है। कोई भी जगह जहाँ ट्रेन रुकती है, यात्रियों को चढ़ाती या उतारती है, उसे स्टेशन कहा जाता है।
- विशेषता: यहाँ ट्रेनें एक निश्चित ट्रैक पर आती हैं और उसी दिशा में आगे बढ़ जाती हैं या वापस लौट आती हैं।
- ट्रैक: यहाँ से निकलने के लिए आमतौर पर एक ही मुख्य मार्ग होता है।
2. जंक्शन (Junction)
जंक्शन वह स्टेशन होता है जहाँ से कम से कम तीन अलग-अलग दिशाओं के लिए रेल लाइनें निकलती हों।
- विशेषता: अगर किसी स्टेशन पर ट्रेन एक दिशा से आ रही है, तो उसके पास आगे जाने के लिए कम से कम दो अलग-अलग रास्ते (Routes) होने चाहिए।
- उदाहरण: मान लीजिए एक ट्रेन ‘पॉइंट A’ से आई है, तो स्टेशन से आगे बढ़ने के लिए उसके पास ‘पॉइंट B’ और ‘पॉइंट C’ की ओर जाने वाली अलग-अलग पटरियां होनी चाहिए।
- भारत का सबसे बड़ा जंक्शन: मथुरा जंक्शन (Mathura Junction) है, जहाँ से 7 अलग-अलग रूट निकलते हैं।

