बिहार के सीतामढ़ी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ जिला प्रशासन ने जीरो टॉलरेंस की मिसाल कायम करते हुए दो राजस्व कर्मियों पर तेज़ी से कार्रवाई की है। ग्राम मोना, पंचायत बरहेता, प्रखंड रुन्नीसैदपुर के निवासी बबलू कुमार की शिकायत पर जिला पदाधिकारी ने त्वरित जांच कराई, जिसमें दाखिल-खारिज के एवज में 40,000 रुपये रिश्वत की मांग का ऑडियो सबूत सामने आया।
शिकायत के अनुसार, राजस्व अधिकारी विश्वामित्र खैरवार (रुन्नीसैदपुर) और अमीन रूपेश मोचा (बरहेता पंचायत) ने बंटवारा जमीन के दाखिल-खारिज के नाम पर यह रकम वसूलने का प्रयास किया। जिला पदाधिकारी के समक्ष बुलाई गई जांच में आवेदक द्वारा पेश ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल से आरोप सही पाए गए। जांच पूरी होते ही दोनों अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया, साथ ही उनके खिलाफ प्रपत्र ‘क’ गठित कर विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है।
प्रशासन का कड़ा संदेश: जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। जिला पदाधिकारी ने कहा, “किसी भी स्तर पर अनियमितता मिलने पर कठोरतम कार्रवाई होगी। आम जनता को सस्ते में सुविधा मिले, यही हमारा लक्ष्य है।” यह घटना ग्रामीण इलाकों में जमीन संबंधी कार्यों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जहां अक्सर गरीब किसान शिकार बनते हैं।
स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे अन्य भ्रष्ट अधिकारियों में भी खौफ पैदा होगा। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसी अनियमितताओं की शिकायत सीधे उनके पास करें, ताकि त्वरित न्याय मिल सके।

