सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा की अध्यक्षता में शुक्रवार को पटना में नेशनल हाइवे (एनएच) एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की गई. इस बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री ने विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मुजफ्फरपुर में नवनिर्मित बाईपास के मधौल और कांटी में यातायात सुरक्षा के दृष्टिकोण से जंक्शन का निर्माण कराया जाए. इससे यातायात व्यवस्था व्यवस्थित होगी. बैठक पटना और बिहार में चल रही प्रमुख सड़क परियोजनाओं, विशेषकर पटना रिंग रोड की प्रगति, प्रमुख परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण, निर्माण कार्यों की समयसीमा, यातायात प्रबंधन और अन्य संबंधित मुद्दों पर केंद्रित रही. पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने केंद्रीय राज्यमंत्री को राज्य की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की प्रगति, संपर्कता, परियोजनाओं की समयसीमा, आवागमन तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं से अवगत कराया. इस दौरान आमस-दरभंगा, गलगलिया-बहादुरगंज, मुंगेर-मिर्जा चौकी, रजौली-बख्तियारपुर, पटना रिंग रोड, पटना-गया डोभी, ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर सहित कई अन्य सड़क परियोजनाओं के बारे में विस्तृत चर्चा की गई.
जाम और दुर्घटना कम करने की पहल
विभागीय सचिव श्री पाल ने पटना रिंग रोड के उत्तरी भाग के मार्गरेखन को लेकर भी केंद्रीय राज्यमंत्री को अवगत कराया. उन्होंने बताया कि सोनपुर में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट निर्माण के लिए कैबिनेट से स्वीकृति मिल चुकी है. पटना के समीपवर्ती वैशाली और सारण जिलों में उद्योग विकसित करने की कार्रवाई की जा रही है. इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पटना रिंग रोड के उत्तरी भाग दिघवारा से सराय तक मार्गरेखन की स्वीकृति दी है. इससे एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों को सुगम यातायात मिलेगा और उद्योग लगाने में भी सहूलियत होगी.
मुजफ्फरपुर बाईपास को मिलेगा नया ट्रैफिक प्लान
केंद्रीय राज्यमंत्री ने पटना रिंग रोड के उत्तरी भाग से संबंधित NHAI के अधिकारियों को जल्द से जल्द डीपीआर तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. बैठक में प्रस्तावित सोनपुर एयरपोर्ट से जुड़ी सड़क कनेक्टिविटी पर भी चर्चा हुई. विशेष रूप से एसएच-74 से पटना-बेतिया मार्ग तक सर्विस रोड निर्माण के प्रस्ताव पर विचार किया गया, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने और एयरपोर्ट के आसपास के विकास को गति प्रदान करने में सहायक होगा.
बैठक में राज्य के अंतर्गत NH और NHAI की ओर से क्रियान्वित सड़क परियोजनाओं में आ रही बाधाओं की भी समीक्षा हुई. सचिव ने गंडक नदी पर डुमरिया घाट ब्रिज, हाजीपुर-छपरा (NH-19) और आमस-दरभंगा परियोजना पर विशेष चर्चा की. उन्होंने बताया कि सोनपुर में बनने वाले ब्रिज का कार्य 6 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है. जानकारी दी गई कि दरभंगा-सुपौल के बीच ग्रीनफील्ड मार्गरेखन पर नए उच्च पथ का निर्माण किया जा रहा है. उन्होंने राज्य में प्रस्तावित सभी एक्सप्रेसवे को 6 लेन विन्यास की स्वीकृति देने के राज्य सरकार के अनुरोध से भी केंद्रीय राज्यमंत्री को अवगत कराया.
इस दौरान जेपी गंगा पथ के दोनों पहुंच पथ को ट्रांसपोर्ट प्लानर के सहयोग से विकसित करने के निर्देश दिए गए, ताकि निर्माणाधीन पुल का अटल पथ, पाटलिपथ, जेपी गंगा पथ और दीघा-शेरपुर गंगा पथ के साथ यातायात सुगम हो सके. सचिव ने बताया कि ट्रांसपोर्ट प्लानर के सुझाव के आधार पर जंक्शन को विकसित किया जाएगा. इससे ट्रैफिक को सुचारु रूप से संभालने, भीड़ कम करने और पटना व उत्तर बिहार के बीच बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.
वैशाली के रामाशीष चौक को बनाया जाएगा मल्टीलेवल जंक्शन
समीक्षा बैठक में वैशाली में लगने वाले जाम को ध्यान में रखते हुए रामाशीष चौक पर मल्टीलेवल जंक्शन की स्वीकृति देने पर विस्तार से चर्चा की गई. केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने अधिकारियों को मुजफ्फरपुर-पटना और छपरा जाने वाले यात्रियों की सहूलियत के लिए इस योजना को शीघ्र स्वीकृति देने का निर्देश दिया.

