उत्तर बिहार के रेल नेटवर्क विस्तार में बड़ा कदम—सीतामढ़ी से जयनगर, निर्मली होते हुए सुरसंड तक 188 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन और ललितग्राम-वीरपुर तक 22 किलोमीटर लाइन की निर्माण प्रक्रिया तेज हो गई। 2019 में रेलवे बोर्ड द्वारा रोकी गई इन परियोजनाओं के लिए अब फाइनल सर्वे की निविदा जारी कर दी गई है। फरवरी में सर्वे एजेंसी चयन के बाद फील्ड कार्य शुरू होगा।
पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य अभियंता (निर्माण) महबूब आलम ने राज्य सरकार के ऊर्जा, योजना एवं विकास मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट की। डीपीआर तैयार होने से पहले अलाइनमेंट सर्वे तकनीकी, भौगोलिक और आर्थिक व्यवहार्यता तय करेगा। सुरसंड प्रखंड पहली बार रेल से जुड़ेगा, जहाँ अब तक लोगों को बाजपट्टी, पुपरी या सीतामढ़ी तक लंबा सफर करना पड़ता था।
यह सर्वे परियोजना की तकनीकी, भौगोलिक और आर्थिक व्यवहार्यता तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। इस रेल परियोजना की सबसे अहम विशेषता यह है कि इसके पूर्ण होने पर सीतामढ़ी जिले के सुरसंड प्रखंड में पहली बार रेलवे लाइन पहुंचेगी। अभी तक सुरसंड प्रखंड रेल सुविधा से वंचित रहा है और यहां के लोगों को लंबी दूरी तय कर अन्य बाजपट्टी, पुपरी या सीतामढ़ी स्टेशन तक पहुंचना पड़ता है।
नई रेललाइन से सुरसंड और आसपास के इलाकों के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। सीतामढ़ी-जयनगर-निर्मली- सुरसंड रेललाइन के निर्माण से क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी। किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा होगी, जिससे उनकी आमदनी बढ़ेगी। व्यापारियों और छोटे उद्योगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने से कारोबार को गति मिलेगी। इसके साथ ही छात्र, नौकरीपेशा लोग और आम यात्री कम समय में सुरक्षित यात्रा कर सकेंगे। रेल संपर्क बढ़ने से सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाएं भी विकसित होंगी। नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
फाइनल सर्वे से संबंधित निविदा प्रक्रिया शुरू हुई परियोजना की बाबत पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य अभियंता (निर्माण) महबूब आलम ने बताया कि राज्य सरकार के ऊर्जा, योजना एवं विकास मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव को पत्र लिखकर परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी है। पत्र में बताया गया है कि दोनों रेललाइन परियोजनाओं के लिए फाइनल सर्वे से संबंधित निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फरवरी में एजेंसी के चयन के बाद सर्वे कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।

