सीतामढ़ी में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में सदर अस्पताल ने बड़ी पहल की है। यहां बिहार का पहला लाइव पेशेंट सैटिस्फेक्शन सिस्टम लागू किया गया है, जिसके माध्यम से इलाज के बाद मरीज और उनके परिजन अस्पताल की व्यवस्था, व्यवहार और चिकित्सा सेवाओं पर तुरंत अपना फीडबैक दे सकेंगे।
इस नवाचार से जिला प्रशासन को रियल-टाइम फीडबैक प्राप्त होगा। जिससे कमियों की पहचान कर त्वरित सुधार संभव हो सकेगा। यह प्रणाली अस्पताल परिसर में स्थापित डिजिटल कियोस्क और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए संचालित की जा रही है। मरीज ओपीडी, इमरजेंसी, वार्ड, दवा वितरण, जांच सेवाओं, स्वच्छता, स्टाफ व्यवहार और समग्र अनुभव जैसे बिंदुओं पर अपनी राय दर्ज कर सकेंगे। फीडबैक देना आसान, त्वरित और बहुभाषी विकल्पों के साथ सुरक्षित रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग बिना किसी झिझक के अपनी बात रख सकें। इस सिस्टम से प्राप्त डेटा का विश्लेषण नियमित रूप से किया जाएगा। जिन विभागों या सेवाओं में शिकायतें या असंतोष अधिक पाए जाएंगे, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
साथ ही, अच्छा प्रदर्शन करने वाले विभागों और कर्मियों को प्रोत्साहन देने की भी योजना है। इससे सेवा प्रदाताओं में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और मरीज-केंद्रित कार्यसंस्कृति को बल मिलेगा।
यह पहल मरीजों की आवाज को सीधे निर्णय प्रक्रिया से जोड़ती है। अब शिकायत दर्ज कराने के लिए लंबी प्रक्रिया या इंतजार की जरूरत नहीं होगी। फीडबैक रियल-टाइम में उपलब्ध होने से अस्पताल प्रबंधन तुरंत एक्शन ले सकेगा, जिससे मरीजों का भरोसा और संतुष्टि दोनों बढ़ेंगे। डीएम रिची पांडेय ने बताया कि इस प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इससे अस्पताल प्रबंधन को सेवाओं में मौजूद कमियों की तुरंत जानकारी मिल सकेगी।
इससे समय रहते सुधारात्मक कार्रवाई संभव होगी और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से सदर अस्पताल में इलाज के अनुभव को और अधिक सकारात्मक बनाया जा सकेगा। एंड्रॉयबस्टेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अभिषेक सिन्हा ने बताया कि इस तरह के लाइव सिस्टम से सेवाओं की गुणवत्ता मापने का ठोस आधार मिलता है। पारंपरिक शिकायत तंत्र की तुलना में यह प्रणाली अधिक प्रभावी है, क्योंकि इसमें अनुभव समाप्त होते ही प्रतिक्रिया ली जाती है।

