सीतामढ़ी के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए मासिक बाल पत्रिका ‘चुनमुन’ उपलब्ध कराई गई है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की रुचि और रचनात्मकता को बढ़ावा देना है। इसी क्रम में मध्य विद्यालय झपहा उर्दू में पत्रिका का विधिवत लोकार्पण किया गया।
“जिसको गुस्सा कभी न आता” का किया पाठ
लोकार्पण कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सक्रिय भागीदारी की। इस अवसर पर शिक्षिका श्रीमती शिवानी सिंह ने ‘चुनमुन’ पत्रिका में प्रकाशित कविता “जिसको गुस्सा कभी न आता” का पाठ किया।
उन्होंने कविता के माध्यम से बच्चों को क्रोध पर नियंत्रण, धैर्य और सकारात्मक व्यवहार का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि ऐसी रचनाएं बच्चों के व्यक्तित्व विकास और अच्छे संस्कारों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
पत्रिका बच्चों के लिए मनोरंजक और शिक्षा वर्धक भी
विद्यालय के प्रधानाध्यापक राशिद फहमी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ‘चुनमुन’ पत्रिका बच्चों के लिए मनोरंजक होने के साथ-साथ पूरी तरह शिक्षावर्धक भी है।
इसमें कहानी, कविता, चित्र, पहेलियां और ज्ञानवर्धक सामग्री शामिल है, जो बच्चों की पढ़ने-लिखने में रुचि बढ़ाएगी। उन्होंने जोर दिया कि यह पत्रिका बच्चों में भाषा कौशल, कल्पनाशक्ति और रचनात्मक सोच का विकास करेगी।
डिजिटल युग में बच्चों को पुस्तकों से जोड़ना चुनौती
प्रधानाध्यापक फहमी ने यह भी बताया कि वर्तमान डिजिटल युग में बच्चों को पुस्तकों और पत्रिकाओं से जोड़ना एक चुनौती है। ‘चुनमुन’ जैसी आकर्षक बाल पत्रिकाएं इस दिशा में एक सार्थक पहल साबित होंगी। इससे बच्चे मोबाइल और अन्य डिजिटल माध्यमों से हटकर रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित होंगे।
शिक्षकों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे कक्षा में नियमित रूप से ‘चुनमुन’ पत्रिका का उपयोग करेंगे। वे बच्चों को इसके लेखन और पाठन के लिए प्रोत्साहित करेंगे ताकि इसके उद्देश्यों को पूरा किया जा सके।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि यह पहल बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होगी और विद्यालयी शिक्षा को और अधिक रोचक बनाएगी

