रीगा चीनी मिल पुन: अपने पुराने गौरव को प्राप्त करने के रास्ते पर चल चुकी है। इस सीजन में अब मिल का संचालन ट्रायल के बाद सुचारू रूप से शुरू हो गया है। प्रतिदिन इसमें वर्तमान स्थिति में 50 हजार क्विंटल गन्ने की क्रसिंग हो रही है। मिल में अब गन्ने की जरूरत बढ़ गई है। इसे लेकर प्रबंधन द्वारा किसानों को सुचारू संचालित की सूचना देने के लिए प्रचार प्रसार बढ़ा दिया गया है। जिसमें किसानों को अपने खुट्टी गन्ना की तेजी से कटाई करके मिल गेट पर लाने की अपील की जा रही है। जिससे मिल में नो-केन की स्थिति से बचा जा सके। किसानों को गेट पर ही पुर्जा उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था रखी गई है।
हालांकि कुछ दिन पहले ही मिल का संचालन शुरू हो गया था, ट्रायल के दौरान तकनीकी खराबी के कारण किसानों को मिल में गन्ना लाने के लिए मना किया गया था। लेकिन मिल पूर्ण रूप से अपने क्षमता में काम करना शुरू कर चुकी है। किसान तेजी से गन्ने की कटाई कर मिल गेट पर ला सकते हैं। बताया गया है कि इस वर्ष गन्ना पेराई का लक्ष्य 40 लाख क्विंटल रखा गया है। वहीं आने वाले समय में प्रतिदिन पेराई का लक्ष्य 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख क्विंटल तक करने का प्रस्ताव है। जिससे मिल की क्षमता बढ़कर 60 लाख क्विंटल हो जाएगी। किसानों को मिल से साप्ताहिक स्तर पर पेमेंट किया जाना है।
स्थानीय निवासी व गन्ना किसान धनंजय कुमार सिंह ने बताया मिल के सुचारू संचालन से किसानों में खुशी है। बताया कि वर्तमान का मिल प्रबंधन गन्ना किसानों के प्रति जवाबदेह बन रही है। किसानों को ससमय सूचना के साथ ही सहयोग में हाथ बढ़ा रही है। किसान रमण प्रताप सिंह व साकेत सिंह ने बताया कि किसानों को मिल गेट पर पुर्जा मुहैया करवाया जा रहा है। किसानों की परेशानी में मिल कर्मी सहयोग कर रही हैं। रात के समय में पेयजल की सुविधा व शौचालय की सुविधा है। इसके साथ ही ठंड से राहत को लेकर अलाव की व्यवस्था की गई है। किसान गुणानंद चौधरी व पासपत साह तौल में भी पारदर्शिता रखी जा रही है। अगर यहीं स्थिति बनी रही तो पुन: रीगा चीनी मिल अपने गौरव को प्राप्त कर लेगी। इससे किसानों को लाभ होगा।
^किसानों को मिल सुचारू रूप से संचालन की सूचना विभिन्न माध्यमों से दी गई हैै। किसान अब अधिक से अधिक खुट्टी गन्ना व अक्टूबर प्लांट का गन्ना मिल गेट पर ला सकते हैं। किसानों को यहीं पुर्जा व पारदर्शिता के साथ तौल का रसीद मुहैया कराया जा रहा है। किसानों को अब साप्ताहिक पेमेंट भी शुरू कर दिया गया है। – अमरेंद्र कुमार सिंह, सीनियर गन्ना प्रबंधक, चीनी मिल, रीगा

