प्रधानमंत्री के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम परीक्षा पर चर्चा–2026 में अपेक्षित सहभागिता नहीं मिलने से जिला राज्य स्तर पर पिछड़ता नजर आ रहा है। राज्य सरकार द्वारा जिले को 1.93 लाख पंजीयन का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन इसके मुकाबले अब तक जिले में केवल 34,937 रजिस्ट्रेशन ही हो सके हैं। कमजोर प्रगति के कारण ताजा राज्य स्तरीय समीक्षा में सीतामढ़ी जिला 17वें स्थान पर पहुंच गया है। इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।
राज्य परियोजना निदेशक, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, पटना द्वारा 31 दिसंबर 2025 को की गई समीक्षा में जिले के प्रदर्शन को असंतोषजनक बताया गया। इसके बाद डीपीओ प्रारंभिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान प्रियदर्शी सौरभ ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और विद्यालय प्रधानों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लक्ष्य पूरा करने की पूरी जिम्मेदारी विद्यालय व प्रखंड स्तर पर तय की जाएगी।
जारी आंकड़ों के अनुसार लक्ष्य के विरुद्ध अब तक केवल 30,019 छात्र, 4,776 शिक्षक और मात्र 142 अभिभावक ही पंजीकृत हो पाए हैं। इस प्रकार जिले में कुल 34,937 रजिस्ट्रेशन दर्ज हुए हैं, जो निर्धारित लक्ष्य की तुलना में बेहद कम हैं। खासकर अभिभावकों की नगण्य भागीदारी ने विद्यालय स्तर पर जागरूकता अभियान और निगरानी व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत सभी प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को पहले स्वयं पंजीयन करना अनिवार्य किया गया है। इसके बाद प्रत्येक मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक को कम से कम 10 छात्रों या अभिभावकों का पंजीयन 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित कराना होगा। किए गए पंजीयन का प्रमाण प्रधानाध्यापक को सौंपना भी अनिवार्य किया गया है।

