सीतामढ़ी जिला पदाधिकारी श्री रिची पांडेय की अध्यक्षता में परिचर्चा भवन में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक में फाइलेरिया नियंत्रण महाअभियान, आशा चयन, एम्बुलेंस सेवा और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं पर गहन चर्चा हुई। पदाधिकारी ने पारदर्शिता, सेवा गुणवत्ता और जन-जागरूकता सुनिश्चित करने के लिए कई अहम निर्देश दिए, ताकि जिले में स्वास्थ्य सेवाएं सशक्त हों।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार, जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी कमल सिंह, एसीएमओ डॉ. जेड. जावेद, डीवीबीडीसीओ डॉ. रविंद्र यादव, एनसीडीओ डॉ. सुनील सिन्हा, डीआईओ डॉ. मुकेश कुमार, डीपीएम असित रंजन, डीएम एंड ई संतोष कुमार सहित सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीएचएम, बीसीएम उपस्थित रहे। सहयोगी संस्थाओं से पीरामल फाउंडेशन के प्रभाकर कुमार, रोहित कुमार, दुर्गा प्रसाद; पीएसआई के विनय कुमार; यूनिसेफ के अभिषेक कुमार, नवीन कुमार; तथा वाधवानी एआई के राकेश कुमार भी शामिल हुए।
प्रमुख निर्देश और चर्चा बिंदु
सीतामढ़ी जिला पदाधिकारी ने आगामी स्वास्थ्य अभियानों और सेवाओं पर निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश दिए:
- फाइलेरिया महाअभियान (10-11 फरवरी 2026): माइक्रो-प्लानिंग, दवा उपलब्धता, आशा-स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण और जन-जागरूकता पर जोर। 11 फरवरी को आंगनवाड़ी केंद्रों व स्वास्थ्य संस्थानों पर बूथ लगाकर सर्वजन दवा सेवन सुनिश्चित करें। नुक्कड़ नाटक और विभागीय समन्वय से प्रचार-प्रसार करें।
- आशा चयन प्रक्रिया: पारदर्शिता सुनिश्चित करें। परिहार प्रखंड में गलत चयन की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई।
- एम्बुलेंस सेवा: Zen Plus संस्था को फटकार। उपलब्धता, रिस्पॉन्स टाइम और गुणवत्ता में तत्काल सुधार।
- संस्थागत प्रसव और लिंगानुपात: अल्ट्रासाउंड निगरानी बढ़ाएं, अवैध गतिविधियों पर नजर। परिवार नियोजन पखवाड़ा और PMSMA को प्रभावी बनाएं।
- हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (HWC): जन आरोग्य समिति (JAS) गठित करें, बैंक खाता खोलें।
- चिकित्सक उपस्थिति: सिविल सर्जन कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित कर दैनिक रिपोर्ट भेजें।
- अन्य: स्वास्थ्य सूचकांकों की समीक्षा, कमजोर क्षेत्रों में कार्ययोजना।
सीतामढ़ी जिला पदाधिकारी ने अंत में कहा, “स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, जवाबदेही और पारदर्शिता जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी समन्वय से कार्य करें, ताकि जनता को बेहतर सुविधाएं मिलें।

