सीतामढ़ी-शिवहर में शाम पांच बजे इस सीजन में पहली तेज़ हवा के साथ ओलावृष्टि और हल्की बारिश हुई है। इस कारण नगर क्षेत्र में बाजार के दुकानों के शटर गिर गए वहीं राहगीर व विशेषकर बाइक सवार स्वंय को बचाने के लिए विभिन्न स्थानों पर स्वंय को सुरक्षित करते दिखे। धूल से वायुमंडल पूरी तरह ढक गया तथा धूल भरी हवा से दिखना मुश्किल था। इधर राहगीरों व बाइक सवार में विभिन्न स्थानों के बैनर पोस्टर व बोर्ड की गिरने की आशंका बनी हुई थी।
चौक चौराहों पर सजे सब्जी मंडी व अन्य दुकानों के व्यवसायी इधर उधर भागते नजर आए। हालांकि कुछ ही देर में हल्की बारिश के साथ स्थिति सामान्य हो गई। इधर मौसम विभाग द्वारा जिले के लिए एलो अलर्ट जारी किया गया है तथा लोगों को गरज के साथ मध्यम बारिश व ओलावृष्टि से सुरक्षित रहने की हिदायत दी गई है।
सुप्पी प्रखंड क्षेत्र में तेज आंधी व ओलावृष्टि से गेहूं व फलों के फसल बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गया है। किसान सुनील कुमार मिश्रा, रविंद्र सिंह, रविंदर यादव, लालू यादव, अशोक सिंह, अरुण कुमार सिंह, सतीश कुमार सिंह समेत अन्य किसानों ने बताया कि यह इसबार की पहली प्राकृतिक मार हैं। हालांकि इस बार कोई खासा नुकसान नहीं हुई है। बताया कि आंधी व ओलावृष्टि से सबसे अधिक आम लीची के मंजर और टिकोले को हुआ है। बगान मंजर व छोटे टिकोले से भर गया है।
जिले में संध्या पहर आयी तेज आंधी व ओलावृष्टि से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ गई है। ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों और दलहन की फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। किसानों ने बताया कि इस समय हुई बारिश से उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा और आर्थिक नुकसान होगा।
मौसम विभाग के अनुसार, इस बारिश का कारण पश्चिमी विक्षोभ है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहे, तेज हवाएं चलीं और कहीं-कहीं बारिश हुई। तरियानी प्रखंड में भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। किसान के खेत में लगाए गए गेहूं के फसल पूरी तरह से छत विक्षत हो गए हैं। वहीं साग सब्जी के फसल को भी क्षति पहुंचा है। किसानों ने बताया कि खेत में गेहूं के फसल पूरी तरह से गिरकर जमीन पर पड़े हैं। ओला से सब्जी के खेती को नुकसान हुआ है।

