केंद्र सरकार के डिजिटल प्लेटफार्म एग्री स्टैक का राज्य में क्रियान्वयन हो रहा है। कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने बताया कि इस प्लेटफार्म पर राज्य के कुल 16,664 गांवों में फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
बिहार सरकार के कृषि विभाग द्वारा किसानों के लिए चलाए जा रहे फार्मर रजिस्ट्री कार्यक्रम को लेकर पूरे जिले में जागरूकता कार्यक्रम और शिविर का आयोजन जारी है। कृषि मंत्री राम कृपाल यादव के निर्देश पर यह अभियान में चलाया जा रहा है, जिसके तहत किसानों की डिजिटल फार्मर आईडी तैयार की जा रही है। यह सिस्टम भारत सरकार द्वारा विकसित एग्रीस्टेक मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के माध्यम से संचालित है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कृषि एवं राजस्व विभाग के समेकित प्रयास से किसानों का भूलेख आधारित डेटा एकत्र कर फार्मर आईडी तैयार की जा रही है।
यह आईडी किसानों के लिए भविष्य में मिलने वाली सभी योजनाओं और लाभों का मुख्य आधार बनेगी। पीएम-किसान योजना का लाभ उठाने के लिए भी फार्मर रजिस्ट्री अब अनिवार्य कर दी गई है। इसके अलावा फसल ऋण, फसल बीमा, अनुदान, कृषि सलाह, उधान, मत्स्य, पशुपालन एवं अन्य विभागीय योजनाओं का लाभ देने में यह रजिस्ट्री अहम भूमिका निभाएगी। शिविर में किसानों को आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और भूमि दस्तावेज (जमाबंदी/रसीद/एल पी सी साथ लाना अनिवार्य है।
कृषि विभाग के कर्मी किसानों का ई के वाई सी करेंगे, जबकि राजस्व विभाग के कर्मी भूमि विवरण के आधार पर फार्मर आईडी तैयार करेंगे। वार्ड नं. 13 के मधेसरा चौकी स्थित शिविर में प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी सुरेश पाठक , कृषि समन्वयक तथा किसान सरोज कुमार , मनोज कुमार और जितेन्द्र कुमार के सहयोग से किसानों का पंजीकरण कराया गया। जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि जिले के सभी पंचायतों और नगर क्षेत्रों में तिथि-वार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फार्मर कार्ड बनवाना सभी किसानों के लिए अनिवार्य है, इसलिए अधिक से अधिक किसान निर्धारित शिविरों में पहुँचकर अपना पंजीकरण अवश्य कराएं।
अब तक प्राप्त 5,76,809 आवेदनों में से 4,06,679 आवेदनों को ऑटो-अप्रूवल के माध्यम से स्वीकृत किया जा चुका है। शेष किसानों के पंजीकरण को पूरा करने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा सभी जिलों में अगले साल छह से नौ जनवरी तक एक विशेष अभियान चलाया जाएगा।
इसमें बचे हुए किसानों की रजिस्ट्री होगी। मंगलवार को एग्री स्टैक के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता बैठक हुई। उसी में प्रधान सचिव ने उपलब्धियों का ब्यौरा दिया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि अगले चार दिनों में मिशन मोड में फार्मर रजिस्ट्री का काम पूरा किया जाए।
बैठक में बताया गया कि एग्री स्टैक का मुख्य उद्देश्य किसानों को सस्ता ऋण आसानी से उपलब्ध कराना, उच्च गुणवत्ता वाले कृषि इनपुट्स तक बेहतर पहुच प्रदान करना, स्थानीय एवं विशिष्ट कृषि सलाह देना तथा बाज़ारों तक सुविधाजनक पहुंच सुनिश्चित करना है।
बैठक में सभी जिलाधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।मुख्य सचिव ने कहा कि यह कार्य विकास आयुक्त की निगरानी में संपन्न होगा। बैठक में विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह सहित राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के वरीय पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
https://bhfr.agristack.gov.in/farmer-registry-bh/#/checkEnrolmentStatus

