सीतामढ़ी जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा अब केवल चेतावनी नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की व्यक्तिगत जिम्मेदारी बन गई है। नियमों की अनदेखी से रोजाना हो रही हादसों के सिलसिले को तोड़ने के उद्देश्य से जिला परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा माह के तहत शुक्रवार को हाईवे और प्रमुख चौराहों पर संयुक्त वाहन जांच अभियान चलाया। इस अभियान में स्कूली बसों से लेकर लंबी दूरी की बसों तक की सघन जांच की गई।
डीटीओ प्रशांत कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान के दौरान वाहनों के कागजात, परमिट, इंश्योरेंस, फिटनेस सर्टिफिकेट, पैनिक बटन, फायर एक्सटिंग्विशर और इमरजेंसी गेट का बारीकी से निरीक्षण किया गया। चालकों और यात्रियों को सख्त हिदायत दी गई कि सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) राजेश कुमार राय ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग और मोबाइल फोन का इस्तेमाल सीधे दुर्घटना का कारण बनता है। यह लापरवाही न केवल चालक के लिए, बल्कि यात्रियों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती है।”
डीटीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान जिले के सभी हिस्सों में नियमित जांच अभियान, जागरूकता कार्यक्रम और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। उनका उद्देश्य जिले में सुरक्षित यातायात की संस्कृति को मजबूत करना है। उन्होंने बस चालकों और आम नागरिकों से अपील की कि छोटी-छोटी लापरवाहियों से बचें, ताकि सड़कें मौत के सौदागर न बनें।
अभियान में एमवीआई राजेश कुमार राय, ट्रैफिक थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार, प्रवर्तन अवर निरीक्षक श्याम सुंदर सिंह, परिवहन कर्मी प्रेम कुमार, अमरजीत कुमार, विनोद कुमार सहित अन्य टीम सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस दौरान कई वाहनों पर चालान काटे गए और उल्लंघनकर्ताओं को जागरूक किया गया।
जिला परिवहन विभाग की यह मुहिम सड़क सुरक्षा को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। नागरिकों से अपेक्षा है कि वे नियमों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करें।

