सीतामढ़ी जिला पदाधिकारी रिची पांडे की अध्यक्षता में शनिवार देर शाम सदर अस्पताल सीतामढ़ी के प्रशासनिक कक्ष में रोगी कल्याण समिति के शासी निकाय की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में स्वास्थ्य संकेतकों (हेल्थ इंडिकेटर्स) की बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की गई, जिसमें डीएम ने अस्पताल प्रशासन पर कड़ी नाराजगी जाहिर की।
प्रसव संख्या, सिजेरियन ऑपरेशन, अल्ट्रासाउंड और ANC जांच की संख्या में लगातार कमी पर जिला पदाधिकारी ने अस्पताल प्रशासन को लताड़ा। उन्होंने साफ कहा कि दोनों पालियों में समय से OPD संचालित न होने पर सभी संबंधित डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। सिविल सर्जन को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई।
डीएम ने गर्भवती महिलाओं के लिए गर्भधारण से प्रसव तक 24/7 अल्ट्रासाउंड सुविधा उपलब्ध कराने का सख्त निर्देश दिया। इसके अलावा, LFT, KFT जैसी जांचें, मैटरनिटी OTI, ECG जैसी सेवाएं 24/7 चालू रखने, बिजली कटौती के बावजूद CT स्कैन सुविधा सुनिश्चित करने, अस्पताल कैंपस को खाली रखने और पार्किंग व्यवस्था लागू करने के आदेश दिए।
सभी माननीय सदस्यों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि 27 जनवरी से सभी पैथोलॉजी और OPD को मॉडल अस्पताल भवन में शिफ्ट किया जाए। MCH भवन के निचले तल पर ANC और प्रसव वार्ड स्थानांतरित करने तथा MCH/मॉडल अस्पताल भवन में लिफ्ट चालू रखने का निर्देश भी जारी किया गया। समिति सदस्यों ने ऑर्थो और आई ऑपरेशन सुविधा को शीघ्र शुरू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, चिकित्सा पदाधिकारियों और कर्मचारियों को सभी मरीजों व आगंतुकों के साथ बेहतरीन व्यवहार करने की सख्त हिदायत दी गई।
बैठक में जिला परिषद सदस्य विजय कुमार, नगर निगम पार्षद नसीम अंसारी के अलावा सिविल सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार, ACMO डॉ. जेड. जावेद, जिला देसी चिकित्सा पदाधिकारी, DS डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. एन.के. शाही, दिनकर पंडित, हरिशंकर पासवान, संदीप राय, कंचन पटेल, DPM असित रंजन और अस्पताल प्रबंधक विजय झा प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
यह बैठक सीतामढ़ीवासियों के लिए सकारात्मक संकेत है, जो स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद जगाती है। द वॉइस ऑफ बिहार न्यूज़ इसकी फॉलो-अप रिपोर्टिंग करता रहेगा।

