इंजीनियरिंग कॉलेज, गोसाईंपुर की छात्रा की इलाज में कथित लापरवाही से मौत को लेकर छात्रों ने कॉलेज परिसर में हंगामा किया। छात्र कालेज के मुख्य द्वार के समक्ष धरना दे रहे थे। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच छात्रों को समझा-बुझाकर शांत कराने में जुटी हुई थी। मृतक छात्रा की पहचान भागलपुर की निवासी मेधा शर्मा (22 वर्ष) के रूप में की गई। बताया गया कि छात्रा मेधा गुरुवार को कालेज परिसर में बेहोश होकर गिर गई थी। उसे कालेज के शिक्षक की गाड़ी से सदर अस्पताल सीतामढ़ी ले जाया गया। वहां प्रारंभिक इलाज के बाद रेफर कर दिया गया।
वहां से उसे मुजफ्फरपुर एसकेएमसीएच ले जाया गया। फिर, गंभीर स्थिति में पटना ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान गुरुवार की देर रात उसकी मौत हो गई। इधर, छात्रों ने शुक्रवार की दोपहर बाद हंगामा शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि छात्रा को अस्पताल ले जाने में देरी की गयी। प्राचार्य ने तत्काल अपनी गाड़ी उपलब्ध नहीं कराई। इससे उसकी मौत हो गई। वहीं कालेज के प्राचार्य डा. सुनील कुमार ने इन आरोपों को ग़लत बताया है।
कहां कि छात्रा पहले से हाई ब्लड प्रेशर की शिकार थीं। उसे ब्रेन हेमरेज आघात हुआ है। इससे उसकी मौत हुई है। गिरने की सूचना मिलते ही वो क्लास छोड़कर पहुंचे थे और तत्काल गाड़ी से अस्पताल पहुंचवाया था। पटना में उसके पिता और दूसरे परिजन के उपस्थित में इलाज हुआ और इस बीच उसकी मौत हो गई है। छात्र किसी के बहकावे में हंगामा कर रहे हैं। इसकी सूचना डीएम सहित वरीय अधिकारी को दे दी गई है।

