उत्तर भारत में पड़ रही कड़ाके की ठंड के बीच मुंगेर से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने रूम हीटर इस्तेमाल करने वालों को डरा कर रख दिया है. यहां एक डॉक्टर का पूरा परिवार हीटर जलाकर बंद कमरे में सो गया और दम घुटने से चारों लोग बेहोश हो गए. गनीमत रही कि वक्त रहते पुलिस मौके पर पहुंच गई और सभी की जान बचा ली.
यह मामला मुंगेर के कासिम बाजार थाना इलाके का है. 31 दिसंबर की रात प्रसिद्ध होम्योपैथिक डॉक्टर चंद्रशेखर साहू अपनी पत्नी रीता देवी, बेटे डॉ. रितेश और बहू के साथ ठंड से बचने के लिए कमरे में हीटर चलाकर सो गए थे. कमरे में कोई वेंटिलेशन नहीं था और दरवाजे-खिड़कियां बंद थीं.
बेचैनी और उल्टी जैसा महसूस होने लगा
रात के दौरान सभी को घबराहट, बेचैनी और उल्टी जैसा महसूस होने लगा. इसी हालत में डॉ. रितेश ने किसी तरह एक परिचित को फोन कर बताया कि सबकी तबीयत अचानक बिगड़ रही है. इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया और उनसे दोबारा संपर्क नहीं हो सका.
घबराए परिचित ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी. महज कुछ मिनटों में पुलिस टीम घर पहुंची, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था और भीतर कोई हरकत नहीं दिख रही थी. पुलिस ने हालात को भांपते हुए दरवाजा और खिड़की का शीशा तोड़ा और घर में दाखिल हुई. अंदर का दृश्य डराने वाला था – चारों सदस्य फर्श पर बेहोशी की हालत में पड़े थे.
सदर अस्पताल लेकर पहुंची पुलिस
बिना समय गंवाए पुलिस सभी को अपनी गाड़ी में डालकर सदर अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया और परिवार की जान बच गई.
मुंगेर के एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि बंद कमरे में हीटर चलने से जहरीली गैसें जमा हो गई थीं और ऑक्सीजन की कमी हो गई, जिससे परिवार का दम घुटने लगा. उन्होंने त्वरित कार्रवाई करने वाली डायल 112 और पुलिस टीम की सराहना करते हुए उन्हें इनाम देने की भी घोषणा की है.
यह घटना साफ तौर पर चेतावनी है कि ठंड में हीटर का इस्तेमाल लापरवाही से करना जानलेवा हो सकता है. हीटर चलाते समय कमरे में हवा आने-जाने का रास्ता खुला रखें और सोते वक्त हीटर बंद कर दें, ताकि ऐसा हादसा दोबारा किसी के साथ न हो

