सीतामढ़ी में होली के दिन सेफ्टी टैंक में दम घुटने से बाप-बेटे समेत 4 लोगों की मौत हो गई। एक बच्चे को बचाने के लिए 7 लोग टैंक में उतरे थे। 3 लोगों की हालत गंभीर है।
घटना बुधवार की सुबह 9 बजे की है। सभी बोखड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत कुरहर पंचायत के वार्ड संख्या 13 के रहने वाले है। चारों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। वहीं, घायलों का इलाज सीतामढ़ी के सदर अस्पताल में चल रहा है।
मृतकों की पहचान लालू सहनी के 40 साल के बेटे राजीव सहनी, 30 साल का बेटा रविन्द्र सहनी, रामबाबू के 26 साल का बेटे विनय सहनी और राजीव सहनी के 12 साल के बेटे कृष्ण कुमार के रूप में हुई है।
12 साल के बच्चे को बचाने टैंक में उतरे
12 साल का बच्चा खेलते-खेलते खुले सेफ्टी टैंक में गिर गया। बच्चे के गिरते ही घर के लोग और पड़ोसी दौड़े। बिना कुछ सोचे-समझे सबसे पहले राजीव सहनी टैंक में उतर गए। उनके पीछे-पीछे एक-एक कर 6 और लोग बच्चे को निकालने के लिए कूद पड़े।
टैंक की गहराई करीब 12 फीट थी। अंदर घुटन भरी गैस का जमाव था। जैसे ही लोग अंदर पहुंचे, उनका सांस लेना मुश्किल होने लगा। कुछ ही मिनटों में सभी बेहोश होकर गिर पड़े।
बाहर खड़े लोगों को यह समझ ही नहीं आया कि अंदर क्या हो रहा है। जब टैंक से कोई बाहर नहीं आया, तो जोर-जोर से चिल्लाकर आसपास के ग्रामीणों को बुलाया गया।
ढक्कन की मिट्टी तोड़कर रस्सी डालकर बाहर निकाला
गांव के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। टैंक में कोई आवाज न आने पर लोगों ने एक-दूसरे की मदद से टंकी का ऊपरी हिस्सा तोड़ा। रस्सी डालकर एक-एक कर सभी सातों को बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक सभी अचेत हो चुके थे। बच्चा को भी गंभीर हालत में बाहर निकाला गया।
ग्रामीणों ने तुरंत सभी को वाहन से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां, डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज किया और चार लोगों की हालत बेहद गंभीर बताते हुए तत्काल सीतामढ़ी सदर अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन वहां पहुंचने के कुछ ही समय बाद चार लोगों ने दम तोड़ दिया।
ऑक्सीजन की कमी से मौत हुई
स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि टैंक के अंदर ऑक्सीजन की भारी कमी थी। लंबे समय से बंद पड़े इस सेफ्टी टैंक में हाइड्रोजन सल्फाइड और मीथेन जैसी जहरीली गैसों का जमाव हो चुका था। जैसे ही लोग अंदर उतरे, कुछ ही सेकेंड में उनका दम घुटने लगा।
पुलिस अधीक्षक अमित रंजन ने बताया, शुरुआती जांच में ये हादसा टैंक में मौजूद जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी से हुआ प्रतीत होता है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
टैंक में अवैध शराब बनाने की चर्चा भी
स्थानीय ग्रामीणों में चर्चा है कि इस टैंक में कभी-कभी अवैध शराब बनाने का काम होता था, जिससे गैस का रिसाव और अधिक हो सकता है। हालांकि पुलिस ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है।
SP ने कहा, लोग जो कह रहे हैं, उसकी जांच की जाएगी। बिना जांच के किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता है। पुलिस जांच के लिए नमूने भी एकत्र कर रही है, ताकि गैस की प्रकृति और वास्तविक स्थिति का पता चल सके।
प्रशासन की अपील- टैंक में बिना सुरक्षा न उतरें
घटना के बाद प्रशासन ने लोगों को सचेत किया है कि किसी भी सेफ्टी टैंक, नाले या बंद स्थान में बिना सुरक्षा उपकरण, बिना रस्सी और बिना विशेषज्ञों की मौजूदगी के प्रवेश न करें।
अधिकारियों ने कहा, सेफ्टी टैंक और बंद स्थानों के अंदर जहरीली गैस हमेशा खतरा बनकर मौजूद रहती है। एक कदम में कई जिंदगियां जा सकती हैं।’
अंतिम संस्कार में उमड़ा गांव
बुधवार सुबह शवों को पोस्टमॉर्टम के बाद गांव लाया गया। उन्हें देखते ही परिजनों का विलाप सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। पूरे गांव ने एक साथ चार अर्थियों को कंधा दिया।
वार्ड संख्या 13 में शोक का ऐसा माहौल था कि बच्चे तक दहशत में थे। पूरे कस्बे में चर्चा है कि यह हादसा गांव के इतिहास का सबसे दर्दनाक हादसा है।

