सर्दियों में सिरदर्द एक आम समस्या बन जाती है, जो कई लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करती है। इसका प्रमुख कारण ठंडी हवा और कम तापमान है, जो हमारे शरीर की रक्त वाहिकाओं (ब्लड वेसल्स) को सिकोड़ देती है। जब रक्त वाहिकाएं सिकुड़ती हैं, तो मस्तिष्क तक रक्त का प्रवाह प्रभावित होता है, जिससे सिर में दर्द या दबाव महसूस होने लगता है। इसके अलावा, ठंडी हवा से सीधे संपर्क, जैसे बाहर निकलना या ठंडी हवा में लंबा समय बिताना, शरीर के तापमान में अस्थिरता पैदा करता है। जब आप अचानक गर्म कमरे या हीटर वाली जगह पर आते हैं, तो रक्त वाहिकाएं तेजी से फैलती हैं, जिससे दर्द और बढ़ सकता है।
इसके अलावा, सर्दियों में हवा की नमी कम हो जाती है और शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) भी सिरदर्द को बढ़ावा देती है। यही नहीं, धूप की कमी और विटामिन डी की कमी भी सर्दियों में सिरदर्द का एक कारण बनती है।
संवेदनशीलता का असर
हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है और संवेदनशीलता भी अलग होती है। किसी को ठंडी हवा या तेज खुशबू से सिरदर्द होता है, तो किसी को गर्म जगह पर जाने से। सर्दियों में यह समस्या और बढ़ जाती है क्योंकि शरीर लगातार तापमान के अंतर का सामना करता है।
डिहाइड्रेशन भी जिम्मेदार
सर्दियों में हमें कम प्यास लगती है, जिससे पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन हो जाती है। शुष्क हवा शरीर की नमी भी सोख लेती है, जिससे सिरदर्द की समस्या बढ़ जाती है।
विटामिन D की कमी और हार्मोन प्रभाव
सर्दियों में धूप कम मिलने की वजह से शरीर में विटामिन D की मात्रा घटती है। विटामिन D की कमी से सेरोटोनिन हार्मोन प्रभावित होता है, जो दर्द को नियंत्रित करता है। इसलिए सर्दियों में सिरदर्द की शिकायत गर्मियों की तुलना में ज्यादा होती है।
सर्दियों में सिरदर्द से बचने के उपाय
- शरीर में पर्याप्त नमी बनाए रखें, पानी नियमित पिएं।
- धूप में समय बिताएं और पर्याप्त रोशनी लें।
- नियमित व्यायाम और योग करें।
- तेज गंध और शोरशराबे से दूर रहें।
- बंद कमरे में लगातार हीटर का इस्तेमाल न करें।
- पूरी नींद लें और शरीर को आराम दें।

