सीतामढ़ी: कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ गुरुवार को उस वक्त अचानक विवाद और सुरक्षा चिंता का विषय बन गई, जब प्रशासन ने आतंकी अलर्ट के कारण उनके सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों में बदलाव कर दिए। सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को नेपाल सीमा से जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों के बिहार में घुसने की सूचना मिली थी, जिससे पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी हो गया।
यात्रा का रोज़नामचा बदल गया
राहुल गांधी अपने कैंप से सीधे सीतामढ़ी स्थित जानकी मंदिर पहुंचे, जहां तेजस्वी यादव और कई स्थानीय नेताओं ने उनका स्वागत किया। जानकी मंदिर में दर्शन के बाद उनका बड़ा रोड शो आयोजित होना था, लेकिन सुरक्षा कारणों से यह कार्यक्रम तत्काल रद्द कर दिया गया। स्थानीय प्रशासन ने उन स्थानों पर बनाए गए स्वागत मंचों पर भी राहुल को रुकने की इजाजत नहीं दी, जिससे हज़ारों समर्थक मायूस रहे।
खुली जीप की जगह बंद गाड़ी में सफर
आमतौर पर राहुल गांधी यात्रा में समर्थकों के बीच खुली जीप से निकलते हैं, परंतु सुरक्षा चिंताओं के चलते उन्हें बंद गाड़ी में अपनी यात्रा पूरी करनी पड़ी। इस बीच कांग्रेस-राजद कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ रोड किनारे राहुल-तेजस्वी के स्वागत में उमड़ी, लेकिन सुरक्षा दस्तों ने रूट को पूरी तरह सील कर रखा था।
जिला प्रशासन और विशेष कैंप की व्यवस्थाएं
डुमरा हवाई अड्डा मैदान में बने विशेष कैंप में राहुल गांधी और साथियों के लिए वातानुकूलित कंटेनर, सुरक्षा टीम और अन्य सुविधाएं इंतजाम की गई थीं। कैंप से लेकर मंदिर तक प्रशासन और राहुल गांधी की निजी सुरक्षा टीम पूरी तरह अलर्ट रही। मार्ग में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई थी और हरेक कोने की वीडियोग्राफी की जा रही थी।
स्थानीय जनता और कार्यकर्ताओं में हलचल
अचानक हुए बदलाव के बावजूद कांग्रेस व राजद कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। जिला के चौक-चौराहों को तोरण द्वार, बैनर-पोस्टरों से सजाया गया था। कार्यकर्ताओं का कहना है कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की मौजूदगी वोटर अधिकार यात्रा को ऐतिहासिक सफलता दिलाएगी।
प्रशासन का बयान
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा कारणों से ही सारे कार्यक्रमों में बदलाव और सीमित यात्राएं की गई हैं। जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है।
