मुजफ्फरपुर में सरस्वती पूजा पंडाल से गायब मासूम खुशी की मां पिछले पांच साल से पूजा पंडाल में सरस्वती प्रतिमा के सामने बैठ कर रोती बिलखती हुई आज भी बेटी खुशी का इंतजार करती है. 16 फरवरी 2021 को सरस्वती पूजा का दिन था और मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के पमरिया टोला में सरस्वती पूजा का पंडाल सजा था और इसी बीच खेलती-कूदती हुई पांच साल की मासूम खुशी पहुंची, फिर वहां से गायब हो गई, जिसका आज तक पता नहीं चल सका है.
सीबीआई कर रही मामले की जांच
फिलहाल हाई कोर्ट के आदेश पर खुशी अपहरण कांड मामला सीबीआई जांच कर रही है. खुशी के गायब होने के बाद खुशी को सभी जगह ढूंढा गया, हर गली, चौक चौराहा छाना गया, लेकिन खुशी का कोई पता नहीं चला. बेटी के गायब होने से परेशान खुशी के पिता राजन साह ने ब्रह्मपुरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई. परिवार को उम्मीद थी कि पुलिस बेटी को ढूंढ लाएगी. लेकिन एफआईआर दर्ज होने के बाद महीने और साल बीत गए, फिर भी पुलिस खुशी अपहरण केस को सुलझा नहीं सकी, जिसके बाद पटना हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंप दी.
खुशी की मां को आज भी इंतजार
खुशी के माता-पिता को लगा था कि अब शायद सीबीआई को कोई सुराग मिलेगा, लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी सीबीआई की जांच में भी खुशी का कुछ पता नहीं चल सका. वहां के लोग कहते हैं कि सरस्वती पूजा का ये वही पंडाल, वही जगह है, फर्क सिर्फ इतना है कि अब वहां खेलती खुशी नहीं है और आज भी उसी पंडाल में मां सरस्वती के सामने खुशी की मां खामोश और बेबस भरी आंखों से गिरते हुए आंसू के साथ खुशी का इंतजार करती है और हाथ जोड़कर मां सरस्वती से बस एक ही प्रार्थना कर रही है कि मेरी बेटी खुशी को सही-सलामत लौटा दें.

