बिहार की सियासत में बड़ा खेला होने जा रहा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं को बुधवार को होली के दिन तब और बल मिला, जब जेडीयू के कद्दावर नेता और मंत्री विजय कुमार चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की बात चल रही है. हालांकि इस बारे में उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ही लेना है. सूत्र बता रहे हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 15 से 18 मार्च के बीच अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं. उसके बाद बिहार में नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण का रास्ता साफ हो सकता है. इतना तय है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफा देने की सूरत में अगला मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी से ही हो सकता है.
राज्यसभा जाएंगे नीतीश कुमार?
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन में बस एक दिन शेष रह गया है. नामांकन की अंतिम तारीख 5 मार्च है. बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब केंद्र की राजनीति में सक्रिय होंगे. पार्टी की ओर से यह संकेत दिया गया है कि जनता दल यूनाइटेड में इस बात की चर्चा है के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अब केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका दी जाए
भाजपा के 3 प्रबल दावेदार: किसके सिर सजेगा ताज?
नीतीश कुमार के इस्तीफा देने के बाद भारतीय जनता पार्टी की ओर से 3 नाम उछाले जा रहे हैं:
नित्यानंद राय: अभी मोदी सरकार में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का ओहदा संभाले हुए हैं और गृह मंत्री अमित शाह के भरोसेमंद माने जाते हैं. यादव समाज से आने वाले नित्यानंद राय को मुख्यमंत्री बनाकर पार्टी राज्य में बड़ा मास्टर स्ट्रोक खेल सकती है.
सम्राट चौधरी: नीतीश कुमार की सरकार में अभी डिप्टी सीएम और गृह मंत्रालय का पद संभाले हुए हैं. हालांकि बतौर गृह मंत्री इनके कामकाज पर सवाल उठते रहे हैं. पटना में हॉस्टल गर्ल की मौत मामले में इनकी काफी किरकिरी हो चुकी है. बिहार भाजपा में इन्हें काफी आक्रामक माना जाता है और लव कुश समीकरण साधने के लिहाज से भी ये फिट बैठते हैं.
डॉ. प्रेम कुमार: भाजपा के वरिष्ठतम नेताओं में से एक माने जाते हैं और अति पिछड़ा समाज का बड़ा चेहरा हैं. उनकी साफ सुथरी छवि उन्हें इस दौड़ में बनाए हुए है.
निशांत कुमार बनेंगे डिप्टी सीएम?
बिहार के इस राजनीतिक उलटफेर में सबसे चौंकाने वाला नाम निशांत कुमार का बताया जा रहा है. वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे हैं और अब तक राजनीति से दूर रहे हैं. उन्हें बिहार का नया डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है. इसके साथ ही उन्हें जनता दल यूनाइटेड में उत्तराधिकारी के तौर पर भी देखा जा रहा है.
बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अगर त्यागपत्र देते हैं तो यह बिहार की राजनीति में का सबसे अहम मोड़ साबित होने वाला है. जीतन राम मांझी के 9 महीने का कार्यकाल छोड़ दें तो नीतीश कुमार बतौर मुख्यमंत्री 2005 से सत्ता के केंद्र में रहे हैं. अब 20 साल बाद उनकी मुख्यमंत्री पद से विदाई बड़ी राजनीतिक घटनाक्रम साबित हो सकती है.

