बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर प्रखंड स्थित कैथवलिया में विराट रामायण मंदिर परिसर में आज दुनिया के सबसे ऊँचे शिवलिंग की भव्य स्थापना हो गई। 33 फीट ऊँचे और 200 मीट्रिक टन वजनी इस विशालकाय शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा से हिंदू भक्तों के साथ-साथ स्थानीय मुस्लिम समुदाय में भी खुशी की लहर दौड़ गई। मंदिर निर्माण के लिए मुस्लिम भाइयों ने अपनी जमीन दान की है, जो सांप्रदायिक सद्भाव की अनूठी मिसाल है।
कंबोडिया से फूल, हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा; भव्य समारोह में CM नीतीश समेत नेता शामिल
शिवलिंग की स्थापना के लिए कंबोडिया से विशेष प्रकार के फूल मँगाए गए और हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। तमिलनाडु के महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव से शिल्पकार लोकनाथ की टीम ने 10 साल की मेहनत से तराशा यह शिवलिंग 23 नवंबर 2025 को रवाना होकर 5 जनवरी 2026 को कैथवलिया पहुँचा। इसकी ऊँचाई और गोलाई दोनों 33 फीट हैं। स्थापना में हरिद्वार और पटना से विशेष आचार्य बुलाए गए, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजा हुई।
मंदिर परिसर 120 एकड़ में फैला है, जिसमें 12 शिखर (सबसे ऊँचा 270 फीट) और 22 मंदिर बनेंगे। समारोह में सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा, सम्राट चौधरी सहित मंत्री और साधु-संत शामिल हुए। चारों ओर उत्साह का माहौल रहा—कुछ शिव वेशभूषा में भक्तों का स्वागत कर रहे थे, तो कुछ गण बनकर नृत्य कर रहे थे।
17 जनवरी का विशेष महत्व: शिवलिंग प्रकट होने की मान्यता
मंदिर सचिव सायन कुणाल (पटना महावीर मंदिर) ने बताया, “आज की तिथि का धार्मिक महत्व है, क्योंकि मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव लिंग स्वरूप में प्रकट हुए। रोज हजारों भक्त शिवलिंग की झलक पाने उमड़ रहे हैं।” स्थापना के बाद भक्तों में भक्ति का जनून उफान पर है।
मुस्लिम समुदाय की भूमिका: सद्भाव की मिसाल
कैथवलिया के मुस्लिम भाई खुशी से झूम उठे। उन्होंने मंदिर के लिए अपनी जमीन दान की, जो हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है। एक स्थानीय मुस्लिम निवासी ने कहा, “यह हमारा साझा धरोहर है, हम गर्व महसूस कर रहे हैं।” यह घटना बिहार के सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत करने वाली है।
विराट रामायण मंदिर अब धार्मिक पर्यटन का नया केंद्र बनेगा, जो राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को समृद्ध करेगा।

