मां सीता की प्राकट्य स्थली सीतामढ़ी नए साल में रेलवे विकास के माध्यम से देश के प्रमुख महानगरों से सीधे जुड़कर औद्योगिक और आर्थिक क्रांति की ओर अग्रसर होगा। अमृत भारत योजना के तहत सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय रूप देने की कवायद तेज कर दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से न केवल यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि जिले में रोजगार, व्यापार और पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। इधर, रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी सीतामढ़ी को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। रेलवे ने सीतामढ़ी स्टेशन के पुनर्विकास के लिए पहले प्रस्तावित 242 करोड़ रुपये की राशि में 13 करोड़ 76 लाख 58 हजार 508 रुपये की वृद्धि करते हुए कुल लागत लगभग 255 करोड़ रुपये कर दी है।
टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और आने वाले वर्षों में निर्माण कार्य पूरा करने की योजना है। वर्ष 2026 में वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन सीतामढ़ी से अयोध्या होते हुए देश की राजधानी दिल्ली तक प्रस्तावित है। इससे सीतामढ़ी सीधे महानगरों से जुड़ेगा और उद्योग, व्यापार व पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। इससे पूर्व सीतामढ़ी वर्ल्ड क्लास मॉडल स्टेशन का नक्शा समेत मॉडल स्टेशन का प्रारूप भी जारी किया जा चुका है। रेलवे के द्वारा बनाए गए नक्शा में रेलवे स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। जहां धार्मिक नगरी की झलक दिखने को मिलेगी। खासकर सीतामढ़ी जगत जननी माता जानकी की जन्मस्थली को खास कर रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य में दर्शाया जाएगा।
अत्याधुनिक एयर पोर्ट जैसी होगी रेलवे स्टेशन की व्यवस्था सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट जैसी सुविधा का तीन महल का मॉडल रेलवे स्टेशन बनेगा। इसमें यात्री से लेकर कर्मियों तक के लिए आधुनिक सुविधाओं के साथ भवन का निर्माण किया जाएगा। यात्री सुविधा के लिए एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए एक्सलेटर, वातानुकूलित यात्री निवास, यात्रियों को हर दी जाने वाली सुविधाओं से स्टेशन को लैस किया जाएगा। रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधा के साथ यहां रोजगार के अवसर में भी काफी बढ़ोतरी होगी। जिससे व्यवसाय के अवसर भी बढ़ेगा। स्थानीय व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रबंध किये गए हैं।

