पति-पत्नी ने मिलकर चौथी बार परिहार सीट पर कमल खिलाया। 2010 में गायत्री देवी के पति रामनरेश यादव पहली बार बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीते थे। इसके बाद 2015, 2020 और 2025 में गायत्री देवी ने लगातार जीत की हैट्रिक लगाई। पिछले दो बार से बहुओं के बीच मुकाबला हो रहा है। 2015 में गायत्री देवी ने रामचंद्र पूर्वे को हाराया था। फिर 2020 में आरजेडी की रितु जायसवाल और आरजेडी के सीनियर नेता रामचंद्र पूर्वे की बहू स्मिता पूर्वे को गायत्री देवी ने हराया। इसके बाद 2025 में आरजेडी ने रामचंद्र पूर्वे की बहू स्मिता पूर्वे को टिकट दिया तो रितु जायसवाल निर्दलीय मैदान में उतर गईं। इस बार भी गायत्री देवी ने जीत दर्ज कीं। इस तरह बहुओं की फाइट में गायत्री देवी विनर बनकर निकलीं। अब उन्हें इसका इनाम मिला है। बीजेपी की ओर से उन्हें सचेतक बनाया है। बिहार में सचेतकों को राज्य मंत्री का दर्जा हासिल है। मंत्री तरह उन्हें भी बंगला, गाड़ी और स्टाफ की सारी सुविधाएं दी जाती है। माना जाता है कि सीनियर विधायकों को इस तरह का ओहदा देकर कम्पनसेट किया जाता है।
कौन हैं MLA गायत्री देवी
सीतामढ़ी कलेक्ट्रेट फायरिंग मामले में गायत्री देवी के पति राम नरेश यादव को कोर्ट ने 10 साल की सजा सुना दी। इसके बाद राम नरेश यादव ने अपनी पत्नी गायत्री देवी को सियासी मैदान में उतार दिया। उनका ये फंडा काम कर गया। अब तो तीन बार से गायत्री देवी बीजेपी की विधायक हैं। बीजेपी की ओर से उन्हें सचेतक बनाया गया है। इस प्रमोशन से उनको राज्यमंत्री का दर्जा हासिल हो गया।
परिहार में थी तीन बहुओं की जंग
परिहार में इस बार का चुनाव तीन बहुओं की भिड़ंत के कारण सुर्खियों में रहा था। भाजपा की गायत्री देवी, राजद की स्मिता पूर्वे और राजद से बगावत कर निर्दलीय मैदान में उतरीं रितु जायसवाल के बीच मुकाबला त्रिकोणीय रहा। इस क्षेत्र में भाजपा का मजबूत जमीनी ढांचा ने जीत को मजबूती दी। इस तरह गायत्री देवी ने जीत का हैट्रिक लगाया।
रितु से हुआ था कांटे का मुकाबला
वैसे, परिहार में रितु जायसवाल की पहचान एक तेजतर्रार महिला नेता की है। सिंहवाहिनी पंचायत की मुखिया के रूप में उन्होंने काफी नाम कमाया। दिल्ली में पढ़ी-लिखी रितु को उनके बेहतरीन कार्यों के लिए भारत सरकार की ओर से ‘चैंपियंस ऑफ चेंज’ पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। 2025 चुनाव में उम्मीद थी कि आरजेडी रितु को फिर से टिकट देगी, मगर परिवारवाद भारी पड़ा और रामचंद्र पूर्वे ने अपनी बहु स्मिता को टिकट दिला दिया। फिर रितु ने RJD की महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। निर्दलीय चुनावी मैदान में उतर गईं। आखिरकार, भाजपा की गायत्री देवी ने निर्दलीय उम्मीदवार रितु जायसवाल को 17 हजार 189 वोटों के अंतर से हरा दिया।

