केंद्र सरकार के खाद्य मंत्रालय द्वारा अप्रैल, मई और जून 2026 का खाद्यान्न एक साथ वितरित करने के आदेश के बीच दिल्ली में राशन व्यवस्था लड़खड़ा गई है। दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड (DSCSC) अप्रैल महीने का राशन ही राजधानी की करीब 2000 राशन दुकानों तक समय पर नहीं पहुंचा सकी है। कोटेदारों का कहना है कि ऐसे में तीन महीने का राशन एक साथ वितरित करना असंभव नजर आ रहा है।
कई राशन दुकानों पर गेहूं और चावल की कमी
स्थिति यह है कि कई राशन दुकानों पर गेहूं उपलब्ध नहीं है तो कहीं चावल की कमी बनी हुई है। इससे कोटाधारकों और राशन कार्डधारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। जिन दुकानदारों ने अप्रैल में मिले सीमित स्टाक से तीन महीने का राशन बांट दिया, उनकी दुकानों में दो दिन के भीतर ही खाद्यान्न खत्म हो गया। वहीं जिन्होंने केवल एक महीने का वितरण किया, उन्हें कार्डधारकों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत हर महीने की पहली तारीख से पहले राशन दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाना अनिवार्य है। इसके बावजूद 31 मार्च तक अप्रैल का पूरा कोटा नहीं पहुंच सका। विभागीय आंकड़ों के अनुसार एक अप्रैल तक मायापुरी से 75.14%, घेवरा से 86.86%, नरेला से 85.57%, सीटीओ पूसा से 65.27%, ओखला से 86.26% और शक्ति नगर एफसीआइ गोदाम से मात्र 53.92% खाद्यान्न की आपूर्ति हुई। कुल मिलाकर पूरे दिल्ली में केवल 78.23% राशन ही पहुंच पाया।
केंद्रीय मंत्री और सीएम रेखा गुप्ता को लिखा पत्र
हालांकि 4 अप्रैल तक आपूर्ति बढ़कर 89.96% हो गई, लेकिन तब तक वितरण व्यवस्था प्रभावित हो चुकी थी। अब भी करीब 10% खाद्यान्न की आपूर्ति लंबित है, जिससे स्थिति सामान्य होने में समय लग सकता है। दिल्ली सरकारी राशन डीलर संघ के अध्यक्ष शिव कुमार गर्ग ने बताया कि इस संबंध में केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, खाद्य मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और खाद्य आयुक्त प्रशांत गोयल को पत्र लिखकर समस्याओं से अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि एक दुकान से दूसरी दुकान तक बचे खाद्यान्न के उठान में दिक्कतें, अनावश्यक खर्च और बार-बार कार्यालयों के चक्कर जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। आपूर्ति की रफ्तार इसी तरह धीमी रही तो तीन महीने का एक साथ राशन वितरित करना संभव नहीं होगा।
