सोमवार को सोनबरसा में सात सौ तथा सीतामढ़ी शहर के चकमहिला में 800 बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप जब्त की गई थी। इस मामले में दोनों जगहों से एक-एक धंधबाज को पकड़ा गया था। पुलिस इस तार को नेपाल से जोड़कर देख रही है। बताया जा रहा है कि शराब बंदी के बाद से ज्यादातर युवा नशे के लिए कोरेक्स सिरप, डाइलोटर, टेबलेट और इंजेक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके लिए पुलिस के तरफ से कोई पहल नहीं की जा रही है। बार्डर पर भी कई बार एसएसबी व पुलिस द्वारा कार्रवाई की गई। कफ सिरप बरामद होता है धंघबाज पकड़े जाते हैं, बावजूद यह धंधा बदस्तूर जारी है। सूत्रों की मानें तो इसके मास्टरमाइंड नेपाल में हैं। वहीं बैठकर इस धंधा को चला रहे हैं।
बताया जा रहा है कि धंधेबाजों को यह कहकर प्रलोभन दिया जाता है कि अगर पुलिस पकड़ती है तो जेल से छुड़ाने का काम मेरा है और छुड़ाता भी है। शहर के चकमहिला से प्रतिबंधित कोरेक्स सिरस बरामदगी मामले में पर नगर थानाध्यक्ष के आवेदन प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। प्राथमिकी में पुनौरा थाना क्षेत्र के पुनौरा वार्ड नंबर 2 निवासी गणेश प्रसाद, परसौनी थाना क्षेत्र के परशुरामपुर वार्ड नंबर 10 निवासी अविनाश गुप्ता को एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोपित किया गया है। इस मामले में अविनाश गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है।
बताया गया है कि 29 दिसंबर की दोपहर में एसएसबी व एसटीएफ द्वारा सूचना दी गई थी कि नगर थाना क्षेत्र के चकमहिला गांव के एक कमरे में भारी मात्रा में नशे की दवा एवं प्रतिबंधित कफ सिरप छुपाकर रखा गया है। सूचना के सत्यापन एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए वरीय पदाधिकारी की, सूचित करते हुए एवं औषधि निरीक्षक को भी सूचना दी गई। गश्ती के पुलिस पदाधिकारी शशिरंजन कुमार के साथ वहां पहुंचे। जहां राजेंद्र प्रसाद के मकान के एक कमरे की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान नकद 8800 हजार रुपये के साथ ही एक मोबाइल, भारी मात्रा में टेबलेट, इंजेक्शन व सैकड़ों प्रतिबंधित कोरेक्स सिरप बरामद किया गया। कमरे में उपस्थित व्यक्ति परसौनी थाना क्षेत्र के परशुरामपुर निवासी अविनाश गुप्ता से जब बरादम दवाओं के कागजातों की मांग की गई तो उनके द्वारा कोई कागजात प्रस्तुत नहीं किया गया और बताया गया कि मैं बेचने का काम करता हूं। इसका सारा हिसाब किताब पुनौरा वार्ड नंबर दो निवासी गणेश प्रसाद को दे देते हैं।

