पढ़ाई में कोई छात्र कितना ही धुरंधर क्यों न हो, लेकिन गणित का विषय सबकी कमजोर नस होता है। पूरी तैयारी होने के बावजूद छात्र इस पेपर में नंबरों के बारे में कॉन्फिडेंट नहीं हो पाते हैं। चाहे कोई कुछ न भी कहे, तब भी इसका डर साफतौर से नजर आता है क्योंकि गणित रटने का नहीं शांत दिमाग से सवालों को समझने और उनका हल देने पर फोकस करता है। इस विषय की अहमियत इतनी है कि इसमें आए नंबर तय करते हैं कि आगे चल कर आप किन विषयों से इंटरमीडिए परीक्षा देंगे। इस साल 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों का मैथ्स का पेपर 17 फरवरी को होगा। इस समय कितना पढ़ने से ज्यादा जरूरी ये समझना है कि क्या और कैसे पढ़ना है? आइए जानें इस विषय में कौन से चैप्टर अच्छे नंबर लाने में छात्रों की मदद कर सकते हैं?
किन टॉपिक्स पर हो सबसे ज्यादा फोकस?
गणित जैसे विषयों में छात्रों को हाई-वेटेज और कॉन्सेप्ट-हेवी चैप्टर्स पर ज्यादा फोकस करना चाहिए। बाल भवन पब्लिक स्कूल, दिल्ली की मैथ्स फैकल्टी सुश्री अलका शर्मा बताती हैं कि कई बार बोर्ड में नंबर इसलिए नहीं कटते कि सिलेबस छूट गया, बल्कि इसलिए कटते हैं क्योंकि उतना फोकस नहीं किया गया जितना जरूरी था।
इन चैप्टर पर दें खास ध्यान
- पॉलीनोमियल्स
- पेयर ऑफ लीनियर इक्वेशंस
- क्वाड्रेटिक इक्वेशंस
- अरिथमेटिक प्रोग्रेशन्स (AP)
- ट्रायंगल्स
- ट्रिग्नोमेट्री
- सरफेस एरिया और वॉल्यूम
- स्टैटिस्टिक्स
मैथ्स की आम गलतियों से बचना है बेहद जरूरी
- ज्योमेट्री और ग्राफ वाले सवालों में जल्दबाजी में बना डायग्राम सही कॉन्सेप्ट के बावजूद नंबर कटवा सकता है। साफ, सही लेबल और सही स्केल वाला डायग्राम बनाने की आदत डालें।
- लंबे सवालों में सिर्फ फाइनल आंसर नहीं, बल्कि स्टेप्स के भी मिलते हैं। स्टेप-वाइज सॉल्यूशन से आधे मार्क्स मिल सकते हैं, भले ही फाइनल आंसर गलत हो।
- यूनिट्स भूल जाना, गलत सब्स्टीट्यूशन या जल्दबाजी में जोड़-घटाव में गलतियां सबसे ज्यादा नुकसान करती हैं।
- बिना समझे याद किए गए फॉर्मूले एप्लीकेशन और केस-बेस्ड सवालों में धोखा दे जाते हैं। डेरिवेशन और लॉजिक समझना बेहद जरूरी है।

